नगर विकास मंत्री ए के शर्मा ने ईओ मनोज कुमार मिश्र को दिया प्रथम पुरस्कार

  • जीवीपी विलोपन एवं सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता में जन सहभागिता श्रेणी में 20,000 से अधिक जनसंख्या वाले नगर पंचायतों के वर्ग में नगर पंचायत डासना को प्राप्त हुआ प्रथम स्थान का पुरस्कार
  • नगर विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के प्रतिबद्ध 75 जनपद 750 निकाय 75 घंटे अभियान के अंतर्गत चलाया गया था उक्त अभियान, जिसमें डासना ने मारी बाजी

कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता
गाजियाबाद। देर से ही सही लेकिन उत्तरप्रदेश सरकार ने अपने काबिल और कार्यदक्ष अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार मिश्र को सम्मानित करके ईओ विरादरी का हौसला अफजाई किया है। स्वभाव से संयत और विवाद से कोशों दूर रहने वाले ईओ मनोज कुमार मिश्र ने जिस तरह से अल्पसंख्यक बहुल डासना नगर पंचायत को डील किया, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है। एक तरफ जहां बीजेपी के नेता और अधिकारी खोड़ा नगरपालिका से लेकर लोनी नगरपालिका तक सिरफुटौव्वल करते रहे, वहीं डासना नगर पंचायत में ऐसी तमाम परिस्थितियों के रहने के बावजूद जिस नेकनीयती से उन्होंने डासना नगर पंचायत को संचालित किया, उससे योगी सरकार का इकबाल अल्पसंख्यक मुसलमान लोगों में भी मजबूत हुआ। मोदी और योगी सरकार को यदि ऐसे 1000 अधिकारी मिल जाएं, तो यूपी से लेकर दिल्ली तक की कई भ्रांतियां मिट सकती हैं।

बता दें कि नगर विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के प्रतिबद्ध 75 जनपद 750 निकाय 75 घंटे अभियान के अंतर्गत आयोजित जीवीपी विलोपन एवं सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता में जन सहभागिता श्रेणी में 20,000 से अधिक जनसंख्या वाले नगर पंचायतों की वर्ग में नगर पंचायत डासना को प्रथम स्थान का पुरस्कार प्राप्त हुआ। इस पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन लखनऊ के गोमती नगर विस्तार के सेक्टर 7 में स्थित नगर विकास निदेशालय में 30 दिसंबर को किया गया।

इस अवसर पर नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग मंत्री ए के शर्मा, नगर विकास प्रमुख सचिव अमृत अभिजात, निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय श्रीमती नेहा शर्मा द्वारा पुरस्कारों का वितरण किया गया। नगर पंचायत डासना की तरफ से अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार मिश्र को नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग मंत्री ए के शर्मा एवं प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात के द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर गाजियाबाद के स्वच्छ भारत मिशन के डीसी सत्यम पांडे भी उपस्थित थे।

बता दें कि इस पुरस्कार को ग्रहण करते समय मनोज कुमार मिश्र के चेहरे पर जो आश्वस्ति भाव दिखाई दिया, वह बिरले ही दिखाई देता है। नगर विकास मंत्री ए के शर्मा, जो खुद एक प्रशासनिक अधिकारी भी रहे हैं, ने प्रशासनिक हीरे को परखकर वाकई सियासी जौहरी का काम करते हुए राजनीतिक जौहर दिखाया है। इस छोटे से फैसले का ईओ विरादरी में एक बड़ा संकेत गया है। लोकल राजनेता जितनी जल्दी इसे पढ़ लेंगे, उतना उनका भला होगा।

फोटोकैप्शन:- ईओ मनोज कुमार मिश्र को प्रथम पुरस्कार देते हुए नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा व प्रमुख सचिव अमृत अभिजात।

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