चका-चौंध की दुनिया से दूर यथार्थ की सच्चाई दिखाती हुई एक सच्ची फिल्म…गुठली

मुम्बई। गुठली शिक्षा जीवन के लिए कितनी जरूरी है और सभी को शिक्षा मिलना उनका हक है इसको दर्शाती यह फिल्म अपने आप में अद्भुत है संजय मिश्रा अपनी इच्छाओं का दमन करके स्कूल मैनेजमेंट के बीच फंसा प्रधानाचार्य वाजपेई संजय सोनू स्कूल के सारे काम प्रधानाचार्य जी का सहयोगी घनश्याम और सुब्रत दत्ता एक महतर जो अपने बेटे को शिक्षा दिलाना चाहता है ने बहुत ही अच्छा अभिनय किया है।

हमारे कुछ मित्र कहेंगे कि आज के समय में ऐसा नहीं होता लेकिन यदि आप मेट्रो इस शहर से बाहर निकाल कर गांव देहात में देखेंगे तो ऐसी घटनाएं आपको मिल जाएगी जो आपके हृदय को अंदर तक झंझोड़ सकती हैं।

फिल्म के निर्देश इशरत आर खान ने बहुत अच्छा निर्देशन किया है छोटी-छोटी घटनाओं को बहुत सुंदरता के साथ फिल्माया है

Related Posts

Scroll to Top