भगवान परशुराम सेवा न्यास ट्रस्ट की याचिका पर एनजीटी ने लिया डंपिंग ग्राउंड पर संज्ञान

  • जिलाधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए संयुक्त कमेटी बनाकर दिए जांच के आदेश
  • भगवान परशुराम सेवा न्यास ट्रस्ट के सभी सदस्यों के अथक प्रयासों और ट्रस्ट के संयोजक अनुज शर्मा के एनजीटी में याचिका दायर करने से आज ये परिणाम हुआ कि नगर निगम गाजियाबाद को घुटनों पर आना पड़ा।

गाजियाबाद। गाजियाबाद में स्थित राजनगर एक्सटेंशन एक पॉश इलाका है, जो पिछले कुछ वर्षों से कूड़ा निस्तारण की समस्या से लगातार जूझ रहा है।
नगर निगम डीपीएस राजनगर एक्सटेंशन, सेंट जेवियर वर्ल्ड स्कूल के पास मोरटा गांव में शहर से एकत्रित कूड़ा डालता रहता है और उसके समाधान के लिए बस खानापूर्ति करता रहा है जिससे कूड़े का पहाड़ बन गया है।
कूड़े की दुर्गंध से स्कूलो में पढ़ने वाले बच्चे और राजनगर एक्सटेंशन के निवासी काफी दिनो से परेशान है और श्वास संबंधी समस्याओं से ग्रसित हो रहे हैं।


कूड़े के निस्तारण के लिए निवासियों और राजनगर एक्सटेंशन मे सक्रिय संगठन भगवान परशुराम सेवा न्यास ने कई बार नगर निगम में शिकायत की, लेकिन नगर निगम हमेशा आश्वासन देता रहा परंतु मामला जस का तस बना रहा।
आखिरकार गौड़ कैस्केड निवासी और भगवान परशुराम सेवा न्यास के संयोजक अनुज शर्मा ने इस मामले की शिकायत एनजीटी में की।
याचिकाकर्ता अनुज शर्मा के मोरटा डंपिंग ग्राउंड के संदर्भ में योजित याचिका में एनजीटी ने विपक्षी नगर निगम, उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विरुद्ध संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए बोला एवं जिलाधिकारी गाजियाबाद और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उत्तर प्रदेश की संयुक्त समिति गठित की गई है जो डंपिंग ग्राउंड का निरीक्षण करेगी एवं कार्यवाही रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में दाखिल करेगी।

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